कांकेर:- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा को कमजोर किए जाने के आरोपों के बीच कांग्रेस ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी है। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार उद्योगपतियों के हित में कार्य कर रही है और गरीब, किसान एवं मजदूर विरोधी नीतियां अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित कल्याणकारी योजना को कमजोर कर या समाप्त कर नई योजना लाने का प्रयास सरकार की गरीब विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। विधायक ने कहा कि यह महात्मा गांधी के नाम और उनके मूल्यों को मिटाने का सोचा-समझा राजनीतिक प्रयास है।
उन्होंने आशंका जताई कि प्रस्तावित नए विधेयक के माध्यम से रोजगार की कानूनी गारंटी समाप्त कर केंद्र नियंत्रित योजना लागू की जा सकती है, जिससे न तो मजदूरों को काम की गारंटी मिलेगी और न ही समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा। संगीता सिन्हा ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर किया गया तो ग्रामीण क्षेत्रों से मजदूरों का पलायन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर नकारात्मक असर पड़ेगा।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार पूरे देश में एक माह से अधिक समय तक चलेगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मजदूरों को सरकार की नीतियों के प्रति जागरूक करेंगे और रोजगार की कानूनी गारंटी को बचाने के लिए जनसमर्थन जुटाएंगे।
पत्रकार वार्ता में जिला स्तरीय मनरेगा बचाओ समन्वयक विकास चोपड़ा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंत यादव, पूर्व विधायक शंकर ध्रुवा, प्रदेश सचिव जनक नंदन कश्यप सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में मनरेगा को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का विरोध करने और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने का संकल्प लिया।
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